प्रसिद्ध कहानियाँ 50+Stories In Hindi With Moral/Very Short

प्रसिद्ध कहानियाँ 50+Stories In Hindi With Moral/Very Short

  प्रसिद्ध कहानियाँ  50+Stories In Hindi With Moral/Very Short

very short moral stories in Hindi for class 7

very Short Story हिंदी में बहुत ही कम नैतिक कहानियां आप सभी पीढ़ी और परिवार के लिए उच्च गुणवत्ता वाले नैतिक कहानियों की एक किस्म, विशेष रूप से अपने युवा की छोटी कहानियां

हम आपके साथ अपने बचपन की पंचतंत्र की 5 प्रसिद्ध कहानियाँ शेयर कर रहा हूँ. ये कथाएं  बच्चो के लिए रोचक तथा मनोरंजन एवं ज्ञानवर्धाक तो है।


पर साथ ही प्रत्येक अवस्था के लिए उपयोगी है, जो मुझे बहुत पसंद है. इन कहानियों को पढने से न सिर्फ आपको मजा आएगा बल्कि आपको ज्ञान भी मिलेगा?

  प्रसिद्ध कहानियाँ  (stories in Hindi with moral for class 7

(A ) बुद्धि मानी का फल - मेंढकों का राजा 

 (B)चतुर खरगोश और भोली बकरी  

 (C)अक्ल  बड़ी या भैस बड़ी  (नकल में अकल )

 (D)बुद्धिमान बकरी  



very short moral stories in Hindi for class 7



कहानी :(A)  बुद्धि मानी का फल - मेंढकों का राजा 

एक  तालाब  में  बहुत से मेंढ़क रहा करते थे। मछली केकड़े आदि से जीव  बहुत आराम से, एक साथ मिल-जुल कर रहा करते थे।  किसी को  कोई हानि नहीं पहुँचाता था। एक दिन  समुदाय में बदलाव के लिए उनमें से कुछ मेढ़क एक राजा चाहते थे। पर  उनके जीवन में शान्ति ही शान्ति थी,  फिर भी वह सभी अपने लिए एक राजा नियुक्त करना चाहते थे, जो हर मेंढको के ऊपर नजर रखें और  समुदाय में  अनुशासन बना बनाये रखें। 

 मेंढकों ने प्रार्थना की  ''हे देवदूत ! हमें  एक राजा दीजिए।” मेंढकों को इस प्रकार टर्राते देख देवदूत हँसने लगे और एक लकड़ी का बड़ा टुकड़ा तालाब में गिरा दिया। सारे मेंढ़क लकड़ी नीचे दब गये। फिर भी  मेंढको ने शान्त नहीं हुए और टर्र टर्र करने लगे  राजा की माँग  पर देवदूत ने एक सारस  को राजा नियुक्त कर दिया। सारस  सभी मेंढकों पर नजर रखता जैसे ही कोई मेंढक ज्यादा उछल कूद करता , उसे खा जाता। इस प्रकार एक- एक करके सारस  सारे  मेढ़क खा गया। 


short Moral of story: इस कहानी की शिक्षा:-  जितना मिले उसी में संतुष्ट और खुश रहना चाहिए। बेकार की चीजों पर हमें अपने ज्यादा बुद्धिमानी नहीं दिखाना चाहिए नहीं तो मेंढकों जैसे हो जाएगा ?

Chalak Khargosh 🐇 story 

कहानी : (B) चतुर खरगोश और भोली बकरी   

(जो करे धर्म उसका फूटे करम )

एक बार एक खरगोश किसी दुर्घटना के कारण एक कुएँ में गिर गई। वह कुएँ से निकलने का अथक प्रयास करने लगी पर निकल नहीं पाई। तभी वहां से एक बकरी गुजरी। बकरी ने खरगोश को कुँए में देखकर पुछा- कुएँ में तुम क्या कर रही हो ?  बड़ी चालाकी से खरगोश ने उत्तर दिया –तुम्हें पता नहीं हैं? भारी मात्रा में सुखा पड़ने वाला है। अत: देव दूत कहा है, इसलिए मैं  देखने आई हूँ,  मेरे लायक पानी है या नहीं  मेरी बात मानो  तो  तुम भी नीचे आ जाओं। 

short stories in Hindi for class 7 with moral


खरगोश की बात पर विचार कर बकरी तुरंत कुएं में कूद गई। जैसे ही बकरी कुएँ में गिरी,खरगोश उसकी पीठ पर चढ़ गई, फिर  सींघों पर पैर रखकर कुएँ की दीवार पर चढ़  गया और  बाहर निकलने में सफल  हो गया । बाहर निकलकर बकरी से कहा -  याद रखना दोस्त “ये सबक - अलविदा !”

short Moral of story: इस कहानी की  शिक्षा :- जो करे धर्म उसका फूटे: करम चतुर खरगोश की इस कहानी से सीख मिलती है कि मुसीबत में फंसे हुए की सलाह बिना सोचें समझे  कभी विश्वास नहीं करना चाहिए। बिना सोचे विचारे कार्य किये सो बाद में पस्चताप करता ( जब चिड़िया चुग गई खेत )  किसी इंसान हो या जानवर अपने स्वार्थ के लिए दूसरे जीव को कष्ट में नहीं डालना चाहिए। 

 शेर और कौवा पांच प्रसिद्ध कहानियाँ

 10 super stories in Hindi प्रसिद्ध कहानियाँ

 कहानी (C)अक्ल  बड़ी या भैस बड़ी  (नकल में अकल 
        Inspirational Short Story in Hindi | Moral Stories
एक पर्वत  ऊंची सिखर  पर एक गिद्ध  रहता था। पर्वत  पर एक  बरगद के पेड़ पर एक कौआ घोंसला बनाकर रहता था।  चालाक और धूर्त था। उसका प्रयास  बिना परिश्रम के खाने को मिल जाए। पेड़ के दुरी पर चूहा  भी रहता था। जब भी चूहा  के बच्चे बाहर आते तो गिद्धः ऊंची उड़ान भरते और एकाध चूहे  को उठाकर ले जाते।

 कौए ने सोचा, एक दिन ‘वैसे तो ये चालाक चूहा  मेरे हाथ आएंगे नहीं, अगर इनका नर्म मांस खाना है तो मुझे भी गिद्ध की तरह करना होगा। एकाएक झपट्टा मारकर पकड़ लूंगा।’

दूसरे दिन कौए ने भी एक चूहा  को दबोचने की बात सोचकर ऊंची उड़ान भरी। फिर उसने चूहा  को पकड़ने के लिए गिद्ध  की तरह ज़ोर से झपट्टा मारा। भला कौआ गिद्ध  का  मुकाबला  क्या करता। चूहा  ने उसे देख लिया और झट वहां से भागकर चट्टान के पीछे छिप गया। कौआ अपनी ही जोश  में उस चट्टान से जा टकराया। उसकी चोंच  गरदन टूट गईं परिणामस्वरूप  वहीं तड़प - तड़प कर दम तोड़ दिया।

Moral of story :इस कहानी की शिक्षा:-  नकल में अक्ल की जरुरत होती कहावत है : अक्ल बड़ी या भैस बड़ी  नक़ल से  जिन्दगी में  कुछ भी कोई  हासिल नहीं कर सकता हैं।इस लिए दुसरो का नक़ल सोंच समझ के करना चाहिए नहीं तो कौए जैसा हो सकता है। 



short moral stories in Hindi for class 7 with pictures
                   कहानी: (D) 🐐 बुद्धिमान बकरी  

एक गाँव एक बकरी रहती उसकी तीन बच्चे थी गाँव से थोड़ी दुरी पर एक भयानक जंगल था। बकरी को हमेशा डर लगी रहती थी कही उनके बच्चे खेलते - खेलते जंगल के तरफ न चले जाएँ और वह हर समय समझती रहती थी।ध्यान से सुनों उस  जंगल के तरफ भूल से भी मत तुम्हारे लायक ओ जगह ठीक नहीं है। 

एक दिन बकरी के एक बच्चे खेलते - खेलते हरे भरे घास खाती  हुई जंगल की ओर लिकल गई। चार लकड़ बाघा ने बकरी के बच्चे को घेर लिया आज तो मजे से भोजन करेंगे।  बकरी के बच्चे को लकड़ बाघा झपटने वाला ही था की बकरी की माँ आ गई एक लकड़ बाघा ने अरे एक के साथ एक फ्री 


कह कर हसने लगे बेचारी बकरी की बच्ची डर से चिल्ला रही थी। .बकरी की माँ ने कहा - तुम सब हमें मिल मिल कर खा सकते पर पर सोंच समझ हम पर हाँथ लगाना, हम दोनों  शेर महराज की भोजन पर जा रहे है। एक लड़क बाघा ने शेर को कौन बताएगा यदि तुन्हे खा जायेंगे तो बकरी इधर उधर देखने लगी  और ओ देखो हमारी निगरानी में एक  कौआ बैठा हुआ है। कौआ को देख लकड़ बाघा शेर के डर से पूंछ हिलाते हुये जंगल  ओर चारो भागने लगे  शेर से बैरे कौन ले भैया। जान बची तो लाखों  उपाए ?

short moral stories in Hindi for class 7

बकरी और उनकी बच्ची गाँव की ओर जाने लगी रस्ते में एक कुआँ मिला बकरी ने पानी पिने जा रही थी तब राजा शेर आ गया बकरी को देख कर  शेर बड़ा खुस हो गया से झपटने वाला ही था तब बकरी ने कहा महाराज आप ये भूल मत करना हमें खाने की कोशिस न करना आप से भी बड़ा से यहां पर है। हम उनके लिए यहाँ पर आये है। तुम्हे विश्वास नहीं हो रही है तो आप कुँआ के पास जा के देखो शेर ने कुँआ के पास गया निचे झाकने लगा 

 पानी में शेर का छाया दिखने लगा शेर ने सोचा की सच में एक और शेर है। शेर ने दहाड़ ने लगा कुँआ में  से उसकी आवाज वापस डबल सुनाई दिया। 

शेर के पीछे से  धुँआ निकल और पूंछ उठा कर भागा सही सलामत बकरी गाँव वापस आ गई। 

short Moral of story: इस कहानी की  शिक्षा:-  मित्रों - अपने माता पिता तथा बड़ों  की बातों को मानना चाहिए हमसे बुद्धि तथा उम्र से बड़े उनमे और हमें सोंचने और समझने और  बुरा - भाला की अच्छी समझ होती है। हमें कभी जीवन में मुसीबत के समय निडर और अडिग रहना चाहिए मुसीबत में मुँह मोड़ लेना बुद्धि मानी नहीं है। उनसे सामना करना चाहिए क्योकि डर के आगे जीत है। 

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